
मुजफ्फरपुर में बढ़ते परिवारों के लिए बिना नई जमीन खरीदे अपने मौजूदा घर के ऊपर दूसरी मंजिल (First/Second Floor) बनवाना या कमरे बढ़ाना एक बेहद व्यावहारिक तरीका है।
1. ग्राउंड फ्लोर पिलर की मजबूती की जांच
ऊपरी मंजिल का काम शुरू करने से पहले निचली मंजिल के पिलर की सीध, प्लिंथ बीम और छत की मजबूती की जांच करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पुराना ढांचा नई मंजिल का वजन सह सकता है।
2. पिलर का सरिया सही तरीके से जोड़ना (Lapping)
पुराने पिलर से निकले हुए सरिये के टुकड़ों (Starter Bars) को जंग से साफ करें। नए Fe500D सरिये को कम से कम 50D ओवरलैप लंबाई के साथ बाइंडिंग वायर से कसकर बांधने के बाद ही नए पिलर की ढलाई करें।
घर की ऊपरी मंजिल के पिलर सरिये को कभी वेल्ड न कराएं। सरिये का लैपिंग जॉइंट हमेशा अलग-अलग ऊंचाई पर रखें ताकि पिलर पर एक जगह दबाव न पड़े।
3. मकान विस्तार के समय साइट सुरक्षा एवं सामग्री प्रबंधन
बालू, सीमेंट और ईंटों को इस तरह रखें कि नीचे रह रहे परिवार की आवाजाही प्रभावित न हो। शटरिंग सुझावों के लिए हमारी छत ढलाई चेकलिस्ट देखें, हमारी मकान विस्तार सेवाएं समझें या साइट विजिट के लिए श्याम जी से संपर्क करें।
श्याम कुमार मुजफ्फरपुर के अनुभवी कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर हैं। वे विगत 15+ वर्षों से लेबर कांट्रैक्ट सर्विस के जरिए लोगों के सपनों का घर मजबूत नींव के साथ बना रहे हैं।


