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प्लास्टर सलाह

दीवार एवं छत प्लास्टर काम में ध्यान रखने योग्य 5 जरूरी बातें

सीलन और प्लास्टर में दरार से बचने के लिए सही मसाला अनुपात और तराई की पूरी जानकारी।

SK
श्याम कुमारप्रोप्राइटर एवं मुख्य सुपरवाइजर
5 फरवरी 2026|4 min read
दीवार एवं छत प्लास्टर काम में ध्यान रखने योग्य 5 जरूरी बातें

मकान निर्माण में प्लास्टर न केवल दीवारों को सुंदर बनाता है, बल्कि बरसात के मौसम में नमी और पानी को ईंटों के जोड़ों से अंदर आने से रोकता है।

1. दीवारों की पर्याप्त तराई (Wall Wetting)

प्लास्टर शुरू करने से कम से कम 2 घंटे पहले ईंट की दीवार पर अच्छी तरह पानी छिड़कना चाहिए। सूखी ईंटें प्लास्टर के मसाले का पानी सोख लेती हैं, जिससे सीमेंट की पकड़ कमजोर हो जाती है और बाद में दरारें आती हैं।

2. सही मसाला अनुपात (Cement-Sand Ratio)

दीवार के अलग-अलग हिस्सों और छत के लिए सीमेंट-बालू के मसाले का अनुपात निश्चित होना चाहिए:

  • अंदरूनी दीवार प्लास्टर: 1 भाग सीमेंट : 5 या 6 भाग बालू (1:5 या 1:6) का अनुपात रखें।
  • बाहरी दीवार प्लास्टर: 1 भाग सीमेंट : 4 भाग बालू (1:4) + वाटरप्रूफिंग लिक्विड मिलाएं।
  • छत (Ceiling) प्लास्टर: 1 भाग सीमेंट : 3 भाग बालू (1:3) का मजबूत मसाला उपयोग करें।

3. सीलन और शोरा (Shora) से बचाव

बिहार के मौसम में नमी और जमीन से उठने वाले शोरा (Saltpetre/Shora) की समस्या बहुत आम है। बाहरी दीवार के प्लास्टर में हमेशा किसी अच्छी कंपनी का वाटरप्रूफिंग केमिकल जरूर मिलाना चाहिए।

केमिकल मिलाने का सही तरीका

वाटरप्रूफिंग लिक्विड को हमेशा पहले पानी के डिब्बे में अच्छी तरह घोलें, फिर उस पानी को सूखे मसाले में मिलाएं। सूखे सीमेंट पर सीधे केमिकल न डालें।

4. कम से कम 7-10 दिनों की तराई (Curing)

प्लास्टर पूरा होने के अगले दिन से कम से कम 7 से 10 दिनों तक रोजाना सुबह-शाम दीवारों पर पानी का छिड़काव करना अनिवार्य है ताकि सीमेंट पूरी मजबूती हासिल कर सके।

#प्लास्टर सलाह#वाटरप्रूफिंग#सीलन से बचाव
SK
श्याम कुमार
प्रोप्राइटर एवं मुख्य सुपरवाइजर

श्याम कुमार मुजफ्फरपुर के अनुभवी कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर हैं। वे विगत 15+ वर्षों से लेबर कांट्रैक्ट सर्विस के जरिए लोगों के सपनों का घर मजबूत नींव के साथ बना रहे हैं।

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