
मकान निर्माण में छत ढलाई सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील काम होता है। एक बार ढलाई हो जाने के बाद कोई भी कंक्रीट संरचनात्मक गलती सुधारना असंभव और खर्चीला हो जाता है।
1. शटरिंग का समतल और मजबूत होना
शटरिंग प्लाई और लोहे की प्लेटों के नीचे लगे मजबूत सपोर्ट (बल्ली/जैकी) समतल और मजबूत जमीन पर होने चाहिए। प्लेटों के बीच के गैप को टेप से सील करें ताकि सीमेंट का पानी लीक न हो।
2. सरिया गैप और कवर ब्लॉक (Cover Blocks)
सरिया नक्शे के अनुसार सही दूरी पर बंधा होना चाहिए। स्टील और शटरिंग के बीच कंक्रीट की परत बनाने के लिए कम से कम 20mm से 25mm का कवर ब्लॉक (Cover Block) लगाना जरूरी है ताकि सरिया बाहर न दिखे।
3. कंक्रीट मिक्स अनुपात एवं वाइब्रेटर का प्रयोग
आवासीय घरों के लिए एम20 ग्रेड कंक्रीट (1 भाग सीमेंट : 1.5 भाग बालू : 3 भाग गिट्टी) का सही अनुपात रखें। कंक्रीट डालते समय नीडल वाइब्रेटर (Needle Vibrator) का प्रयोग जरूर करें ताकि कोई कंक्रीट गैप या खोखला हिस्सा न रहे।
नीडल वाइब्रेटर को एक जगह 10 सेकंड से ज्यादा न रखें। ज्यादा वाइब्रेट करने से कंक्रीट के पत्थर नीचे बैठ जाते हैं और सीमेंट का पानी ऊपर तैरने लगता है, जिससे छत कमजोर होती है।
4. ढलाई के बाद तराई (Pond Curing)
ढलाई के अगले दिन छत पर मिट्टी या सीमेंट की छोटी क्यारियां (Ponds) बनाकर 14 से 21 दिनों तक पानी भरकर रखें। तराई में लापरवाही करने से छत में महीन दरारें आ सकती हैं और रिसाव की संभावना बढ़ती है।
श्याम कुमार मुजफ्फरपुर के अनुभवी कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर हैं। वे विगत 15+ वर्षों से लेबर कांट्रैक्ट सर्विस के जरिए लोगों के सपनों का घर मजबूत नींव के साथ बना रहे हैं।

