
लाल ईंट की जुड़ाई (Brick Masonry) आपके मकान के कमरों और बाहरी दीवारों का मुख्य आधार है। ईंटों की पर्याप्त भिगोाई, सही मसाला अनुपात और साहुल में सीधा काम मकान को दरारों और कमजोरी से बचाता है।
1. ईंटों को पानी में भिगोना (Brick Wetting)
ईंट जुड़ाई शुरू होने से कम से कम 1 से 2 घंटे पहले लाल ईंटों को पानी के हौज़ में अच्छी तरह भिगोना अनिवार्य है। सूखी ईंटें सीमेंट-बालू मसाले का पानी सोख लेती हैं, जिससे ईंटों के बीच की पकड़ कमजोर हो जाती है।
2. साहुल और सूत की जांच (Mortar Joints)
राजमिस्त्री को हर 3 रद्दों के बाद साहुल (Plumb Line) से दीवार की सीधी जांच करनी चाहिए। मसाले का सही अनुपात इस प्रकार रखें:
- बाहरी 9 इंच दीवार: 1 भाग सीमेंट : 6 भाग बालू (1:6) का मसाला इस्तेमाल करें।
- अंदरूनी 4.5 इंच पार्टीशन दीवार: 1 भाग सीमेंट : 4 भाग बालू (1:4) का मसाला + हर चौथे रद्दे पर जाली लगाएं।
- जोड़ की मोटाई: ईंटों के बीच मसाले का गैप 10mm से 12mm के बीच समान होना चाहिए।
3. टकाई (Hacking) और प्लास्टर का सही मसाला
आरसीसी पिलर और बीम की चिकनी सतह पर प्लास्टर करने से पहले छेनी से अच्छी तरह टकाई (Hacking) करवाएं ताकि मसाला चिपक सके। फिनिशिंग से जुड़े और नुस्खे पढ़ने के लिए हमारी प्लास्टर एवं सीलन बचाव गाइड देखें और हमारी प्लास्टर फिनिशिंग सेवाएं जानें।
अंदरूनी दीवार: 12mm (1:5 मसाला) | बाहरी दीवार: 15mm डबल-कोट (1:4 मसाला + वाटरप्रूफिंग) | छत प्लास्टर: 6mm (1:3 मसाला)
श्याम कुमार मुजफ्फरपुर के अनुभवी कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर हैं। वे विगत 15+ वर्षों से लेबर कांट्रैक्ट सर्विस के जरिए लोगों के सपनों का घर मजबूत नींव के साथ बना रहे हैं।


