मुजफ्फरपुर में पक्की ईंट जुड़ाई का मजबूत कार्य
पानी में भीगी लाल ईंटों और सही मसाले के साथ साहुल-सूत में सीधी व अटूट दीवारें।

निर्माण प्रक्रिया और गुणवत्ता के मानक
ईंट जुड़ाई मकान की रीढ़ होती है। अगर जुड़ाई में साहुल का ध्यान न रखा जाए तो दीवारें टेढ़ी हो जाती हैं और बाद में प्लास्टर में ज्यादा मसाला लगता है। हमारे अनुभवी राजमिस्त्री हर रद्दे को सूत में सीधा और साहुल में खरा जोड़ते हैं।
हम काम शुरू करने से पहले ईंटों को 1-2 घंटे पानी में अच्छी तरह भिगोते हैं और 10-12mm का एकसमान जोड़ रखते हैं।

ईंट जुड़ाई में मुख्य विशेषताएं:
9 इंच बाहरी मुख्य दीवारें
1:6 के सही सीमेंट-बालू मसाले में मजबूत जुड़ाई, जो घर को बाहरी मौसम और भार से सुरक्षा देती है।
4.5 इंच अंदरूनी पार्टीशन दीवारें
1:4 के तेज मसाले में जुड़ाई, हर 4 रद्दे पर सरिया/तार सपोर्ट ताकि दीवार में कभी दरार न आए।
बाउंड्री वॉल एवं छत की रेलिंग
मजबूत पिलर सपोर्ट के साथ बाउंड्री वॉल और छत की 3-4 फीट ऊंची सुरक्षित पैरापेट दीवार।
श्याम जी की व्यक्तिगत देखरेख
जुड़ाई से पहले ईंट भिगोना क्यों जरूरी है?
सूखी ईंट मसाले का सारा पानी सोख लेती है, जिससे सीमेंट की पकड़ कमजोर हो जाती है। पानी में भीगी ईंट मसाले को पूरी मजबूती देती है।
घर बनवाने की सोच रहे हैं?
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